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मुख्य संपादक : राजेंद्र वखरे 

संपादिका  : सौ. सीमा राजेंद्र वखरे 

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UPSC, Shivam Vakhare (यु .पी .एस .सी ) च्या सर्वोच्च संघ लोकसेवा आयोगाच्या परीक्षेत डोंबिवली (महाराष्ट्र ) येथील कु. शिवम सीमा राजेंद्र वखरे  यांनी  ६५१ रँक मिळवून यश संपादन केले .
 

 

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गडचिरोली में पांच हजार लाभार्थी परिवारों के लिए 'आजीविका विकास कार्यक्रम' शुरू — मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस आकांक्षित तालुकाओं का होगा सशक्तिकरण

CRIME BORDER | 27 December 2025 | 08:19 PM

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मुंबई, 25 जुलाई : गडचिरोली जिले के आकांक्षित तालुकाओं के सशक्तिकरण के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के प्रयासों से 'आजीविका विकास कार्यक्रम' शुरू किया गया है। इस कार्यक्रम के तहत 49 गांवों को शामिल किया गया है, जिसमें एक्सिस बैंक फाउंडेशन की सक्रिय भागीदारी है। यह परियोजना 1 जनवरी 2025 से लागू की गई है और आगामी तीन वर्षों के लिए ₹20.34 करोड़ की राशि निर्धारित की गई है। इस कार्यक्रम से लगभग पांच हजार लाभार्थी परिवारों का समग्र विकास सुनिश्चित होगा।

गडचिरोली जिले में स्थानीय लोगों का जीवन स्तर ऊंचा उठाने और उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने को राज्य सरकार प्राथमिकता दे रही है। इसी नीति के तहत एक्सिस बैंक फाउंडेशन के सहयोग से गडचिरोली में आजीविका विकास कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य मौसम के अनुकूल टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देना, आजीविका में सुधार लाना और समुदाय की समृद्धि सुनिश्चित करना है।

इस कार्यक्रम के अंतर्गत कृषि आधारित आजीविका, प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन, कृषि के अलावा अन्य आजीविका विकल्प, सामूहिक उद्यमिता, स्वास्थ्य और पोषण जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

30 जून 2025 तक इस योजना में 2,000 परिवारों ने पंजीकरण कराया है। कुल 66 बोडियों (जलाशयों) की गाद हटाकर उनकी जलधारण क्षमता बढ़ाई गई है। इन बोडियों के आधार पर खेती की प्रणाली विकसित की गई है, जिसमें मछली पालन किया जाता है, उसके साथ ही मुर्गी पालन और उसी पानी का उपयोग फसलों की सिंचाई के लिए किया जाता है। यह पद्धति कृषि उत्पादकता बढ़ाकर ग्रामीण परिवारों के लिए आय के कई स्रोत उपलब्ध कराती है।

वर्ष 2027-28 तक इस परियोजना के माध्यम से जुड़े हुए परिवारों की आय उनके वर्तमान आय की तुलना में दोगुनी हो जाएगी। साथ ही कृषि उत्पादकता में वृद्धि होगी और आजीविका के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे। किसान समूहों के माध्यम से सामूहिक खरीदी-विक्री की व्यवस्था तैयार होगी और पोषण व स्वास्थ्य विषयक जनजागरूकता के कारण जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।