CRIME BORDER | 26 December 2025 | 07:18 PM
बीके.संवाददाता द्वारा - क्राईम बॉर्डर न्यूज नेटवर्क
डोम्बिवली: भारत सरकार के सहयोग से ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा इस वर्ष अलग अलग विंग के लिए टोटल ३० कार्यक्रम का आयोजन करीब ७५ सप्ताह किया जा रहा हैं।इस संस्था की अगल अलग शाखाएं २०००० से अधिक शहरों में स्वस्थ भारत, स्वच्छ भारत, महिला सशक्तिकरण, रोड सेफ्टी, विश्व शांति के लिए शुभ कामनाएं, सायकल रैली ....आदि आदि कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।
कुंभरखान पाड़ा , डोंबिवली वेस्ट स्थित यश एनक्लेव के ग्राउंड पर स्वास्थ्य पथ प्रदर्शनी का आयोजन किया था। प्रोग्राम का ओपनिंग मै मा. राजेंद्र वखरे (चीफ़ एडिटर ऑफ़ क्राईम बॉर्डर ) तथा सौ.सीमा वखरे (चीफ एडिटर ऑफ़ श्री स्वामी सखा -मैग्जिन) उपस्थित थे।
विश्वशांति के लिए शुभभवाना प्रोजेक्ट द्वारा हर एक इंसान किस तरह संपूर्ण विश्व के लिए शुभ कामनाएं तथा शुभ भावनोंके प्रकंपन वातावरण में फैलाने की सेवा कर सकते है इस पर बीके तेजाबेन ने विशेष मार्गदर्शन किया। इस प्रोजेक्ट में हर दिन कम से कम १५ मिनट विश्वके लिए मेडिटेशन करने वालोंसे फार्म भरकर लिया गया।तीन दिन राजयोग शिवीर का आयोजन यश एनक्लेव कल्ब हाउस में रखा गया है।
तारीख :
३१ /०१ /२२ से ३१ /०२ /२०२ /२०२२ श्याम : ६. ३० से ७. ३०
संपर्क : बीके तेजाबेन 9082413388
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‘आजादी के अमृत महोत्सव से स्वर्णिम भारत की ओर’ कार्यक्रम की शुरुआत २० जनवरी २०२२ को हुई। इसकी शुरुआत प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदीजी ने की।
‘आजादी के अमृत महोत्सव से स्वर्णिम भारत की ओर’ कार्यक्रम
यह ब्रह्मा कुमारियों द्वारा समर्पित आज़ादी के अमृत के वार्षिक उत्सव का प्रतीक है। इस पहल के तहत १५ ,००० कार्यक्रम और ३० अभियान आयोजित किये जायेंगे। इस कार्यक्रम के दौरान, ग्रैमी पुरस्कार विजेता रिकी रेज इस कार्यक्रम के लिए एक गीत समर्पित करेंगे।यह कार्यक्रम अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में आयोजित किये जायेंगे। यह कार्यक्रम कल्याण, आध्यात्मिकता और पोषण पर ध्यान केंद्रित करेगा।इसमें डॉक्टरों के लिए सम्मेलन, कैंसर जांच और चिकित्सा शिविर भी शामिल होंगे।
सात पहलें- प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम के दौरान निम्नलिखित सात पहलों का शुभारंभ किया:
ब्रह्मकुमारी की सात पहलों में शामिल हैं:
यह एक आध्यात्मिक संगठन है जिसका मुख्यालय माउंट आबू में है। यह विश्व नवीनीकरण और व्यक्तिगत परिवर्तन के लिए समर्पित है। इसकी स्थापना १९३७ में हुई थी। यह संगठन अब १३० से अधिक देशों में फैल चुका है।